हरियाणा के फेमस यूट्यूबर अरमान मलिक की पत्नी और सोशल मीडिया सेंसेशन पायल मलिक इन दिनों काफी विवादों में हैं। मां काली के रूप में एक वीडियो बनाने के बाद से ही पायल सुर्खियों में हैं। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगने पर अब पायल मलिक लगातार माफी मांग रही हैं और धार्मिक सेवा कर रही हैं।हाल ही में पायल मलिक ने उत्तराखंड के हरिद्वार जाकर निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी से मुलाकात की और अपने किए पर माफी मांगी। उन्होंने वहां पूजा-पाठ भी किया। इससे पहले वे पंजाब के पटियाला और मोहाली के काली माता मंदिरों में भी जाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुकी हैं।पायल मलिक ने बनाया था वीडियो
इस विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई जिसमें पायल मलिक मां काली के वेश में नजर आई थीं। उन्होंने काले रंग का मेकअप किया था, सिर पर मुकुट और गले में नींबू की माला पहनी थी। हाथ में त्रिशूल था और वह सोफे पर बैठी थीं। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, कई धार्मिक संगठनों ने नाराजगी जताई।
मां काली का रूप लेने पर विवाद
शिवसेना हिंद के राष्ट्रीय महासचिव दीपांशु सूद ने मोहाली के ढकोली थाने में शिकायत दी और आरोप लगाया कि वीडियो में मां काली के स्वरूप को अशोभनीय और असंवेदनशील तरीके से दिखाया गया है, जिससे हिंदू धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।काली माता मंदिर में मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने पर पायल मलिक 22 जुलाई को पटियाला के काली माता मंदिर पहुंचीं और माफी मांगी। अगले दिन यानी 23 जुलाई को उन्होंने मोहाली के खरड़ स्थित काली माता मंदिर में भी अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं के सामने वादा किया कि वे सात दिन तक मंदिर की सफाई और सेवा करेंगी। मंदिर प्रमुख निशांत शर्मा ने उनसे आठवें दिन कंजक पूजन करने और हरिद्वार जाकर संतों से आशीर्वाद लेने को कहा, जिसे पायल ने मान लिया।
तबीयत बिगड़ने पर ले जाया गया अस्पताल
हालांकि, इस बीच 26 जुलाई को पायल की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मोहाली के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन स्वास्थ्य में सुधार होते ही उन्होंने फिर मंदिर पहुंचकर सेवा जारी रखी। पायल ने मंदिर के अंदर और बाहर झाड़ू लगाकर सफाई की और हर दिन वहां पहुंचकर अपनी गलती का प्रायश्चित किया। इस दौरान उनके पति अरमान मलिक और परिवार के लोग भी उनके साथ रहे।
पायल और अरमान ने दी थी सफाई
पायल मलिक का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। वहीं, अरमान मलिक ने बताया कि इस पूरे मामले से उनका परिवार बहुत आहत हुआ और उन्होंने पंजाब छोड़ने तक को कहा था।