
महू निवासी सुनीता मिश्रा ने 2022 में पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के महाप्रबंधक और पश्चिम मध्य रेलवे रानी कमलापति के मंडल रेल प्रबंधक के खिलाफ याचिका लगाई थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि 9 जनवरी 2021 को वे आंबेडकर नगर-रीवा ट्रेन की स्लीपर कोच में सफर कर रही थीं।
यात्रा के दौरान रात को सोते समय उन्होंने अपना पर्स सिर के नीचे रखा था। बैरागढ़ स्टेशन पर रात 1.40 बजे एक अज्ञात व्यक्ति चलती ट्रेन से उनका पर्स खींचकर भाग गया। पर्स में सोने का मंगलसूत्र, सैमसंग कंपनी का मोबाइल और 6500 रुपये नकद थे। लुटेरा पर्स लेकर ट्रेन से कूद गया।
घटना के बाद महिला ने बीना जीआरपी में एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन उन्हें अपना चोरी हुआ सामान नहीं मिला। शिकायत में महिला ने यह भी लिखा कि घटना के समय ट्रेन में न तो पुलिस का जवान था और न ही टीटीई।
आयोग ने कहा कि यह घटना लूट की प्रतीत होती है, जिसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार आयोग को नहीं है। लेकिन ट्रेन में टीटीई और रेलवे पुलिस की अनुपस्थिति सेवा में कमी मानी जाएगी। इसलिए रेलवे को दोषी मानते हुए महिला को 15 हजार रुपये हर्जाने के रूप में देने का आदेश दिया गया।